वाईएमसीए विश्वविद्यालय में तीन सप्ताह का ‘स्टूडेंट इंडक्शन कार्यक्रम’ शुरू

अपने हुनर को पहचाने और रूचि के अनुरूप चुने करियर की राहः प्रो. दिनेश कुमार

कहा, इंजीनियरिंग के साथ इंसानियन भी सीखें विद्यार्थी

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Why induction program is necessary for students , it's important - News YMCA university Faridabad www.newsymca.com
आमतौर पर YMCA में दाखिला पाये नये विद्यार्थियों को आते ही बोरिंग लेक्चर्स और क्लासेज लगानी पड़ती है मगर इस बार एक नया प्रयोग करते हुए विश्वविद्यालय ने सामान्य कक्षाएं लगाने से पहले induction प्रोग्राम शुरू किया है।
YMCA University  द्वारा बीटेक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों लिए नये शैक्षणिक सत्र से शुरू किये गये इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि विद्यार्थी अपने हुनर और रूचि के अनुरूप अपने करियर का चयन करें। 
उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् द्वारा नये सत्र से बीटेक विद्यार्थियों के लिए तीन सप्ताह के इंडक्शन कार्यक्रम को अनिवार्य किया गया है, जिसका उद्देश्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पढ़ने वाले विद्यार्थियों के मानविक तनाव कम करना तथा मानवीय पहलुओं को लेकर उनकी समझ को विकसित करना है।
विद्यार्थियों को ‘प्रिय मित्रों’ कहकर संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि स्कूल से विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद आपने अपने करियर का वह मुकाम हासिल कर लिया है, जब आपको अपने जीवन की राह खुद तय करनी होगी, जिसमें आपके शिक्षक आपके मित्र के रूप में आपका मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वाईएमसीए विश्वविद्यालय की गौरवमयी विरासत का हिस्सा है कि यहां से पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थियों ने नौकरी को रोजगार न बनाकर उद्यम को चुना और सफल उद्यमी के रूप में अनेकों रोजगार सृजित किये और उनकी इच्छा है कि इंजीनियरिंग के नये विद्यार्थी विश्वविद्यालय की विरासत को आगे लेकर जाये। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा समय वर्कशाॅप में बिताने का सुझाव दिया ताकि वे अभ्यास द्वारा इंजीनियरिंग की बारीकियों को समझ सके।
प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम न बने, अपितु पढ़ाई से अर्जित ज्ञान का प्रयोग समाज की भलाई के लिए करें। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने पारिवारिक संस्कारों से जुड़े रहने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की डिग्री एक अच्छी नौकरी दिला सकती है। लेकिन एक अच्छी नौकरी या अच्छा पैकेज आपको अच्छा इंसान नहीं बनाता, अपितु आपके नैतिक और मानवीय गुण आपको अच्छा इंसान बनाते है।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों को उनके सर्वांगीण विकास में पूरा सहयोग देगा, लेकिन साथ ही यह विद्यार्थियों का भी कर्तव्य है कि वे विश्वविद्यालय प्रशासन को अपना सहयोग दें और विश्वविद्यालय में अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
इंडक्शन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को लेखक एवं खेल पत्रकार सौरभ दुग्गल ने भी संबोधित किया तथा ‘खेल एवं देशभक्ति’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए दुग्गल ने बताया कि किस प्रकार खेलों के माध्यम देश में आर्थिक व सामाजिक उत्थान हुआ है और राष्ट्रीयता की भावना को बल मिला है।
इससे पूर्व, कार्यक्रम को निदेशक, युवा कल्याण डाॅ. प्रदीप कुमार ने तीन सप्ताह के इंडक्शन कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न सांस्कृतिक एवं तकनीकी क्लबों की जानकारी दी और बताया कि किस प्रकार विद्यार्थी इन क्लबों के साथ जुड़कर रूचिकर गतिविधियों का हिस्सा बन सकते है। कार्यक्रम का आयोजन डीन स्टूडेंट वेलफेयर डाॅ. नरेश चैहान की देखरेख में कार्यक्रम समन्यवक डाॅ. सोनिया बंसल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र को डीन (इंस्टीट्यूशन्स) प्रो. संदीप ग्रोवर ने विश्वविद्यालय पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव डाॅ. संजय कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर सभी विभागाध्यक्षों द्वारा विद्यार्थियों को अपने विभागों का परिचय दिया गया।
इसके उपरांत, प्रो. अरविन्द गुप्ता ने ‘स्वस्थ जीवन शैली तथा नैतिक मूल्य’ पर व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन शैली अपने पर बल दिया।

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