*”नाम बदलने का हमें दुःख है, पर सरकार के निर्णय पर YMCA India कोई टिप्पणी नही करेगी*

*हमारा नाम इस महान संस्थान के साथ इतने वर्षों तक रहा, यह हमारे लिए गौरव की बात थी”*

YMCA - India views on name change of YMCA University Faridabad . www.newsymca.com News YMCA Jc bose ymca University Faridabad

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हरियाणा विधानसभा के इस वर्ष के मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जिसमे से एक था, “YMCA विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फरीदाबाद, का नाम बदलकर “जगदीश चंद्र बोस विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय” करना।
इस विधेयक के पारित होने के बाद से ही भूतपूर्व एवं वर्तमान छात्रों में इसे लेकर काफी नाराज़गी एवं आक्रोश देखा जाने लगा, 1970 से लेकर 2018 तक के ढेर सारे छात्रों ने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से इसके खिलाफ अपने विचार लिखे और सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की घनघोर अचोलचना की। बहुत से अध्यापक भी इस निर्णय से आहत थे परन्तु खुलकर सामने नही आये।फरीदाबाद शहर के आम नागरिकों ने भी इस फैसले का स्वागत नही किया। फैसले का स्वागत केवल एक राजनितिक वर्ग-विशेष से जुड़े लोगो ने ही किया था। फैसले के विरोध का मुख्य कारण यह था कि जब हरियाणा  के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर 2017 में विश्वविद्यालय आये थे तब उन्होंने यह ऐलान किया था कि विश्वविद्यालय का नाम “जगदीश चंद्र बोस ymca विज्ञान एवं प्रोद्योगिकि विश्वविद्यालय” होगा मगर जब विधान सभा में यह प्रस्ताव आया था, नाम में से ymca हटा दिया गया था। ref- https://www-ndtv-com.cdn.ampproject.org/v/s/www.ndtv.com/education/haryana-s-ymca-university-to-be-named-after-scientist-jagadish-chandra-bose-1767643?amp_js_v=a2&amp_gsa=1&amp=1&akamai-rum=off&usqp=mq331AQECAFYAQ%3D%3D#referrer=https%3A%2F%2Fwww.google.com&amp_tf=From%20%251%24s&ampshare=https%3A%2F%2Fwww.ndtv.com%2Feducation%2Fharyana-s-ymca-university-to-be-named-after-scientist-jagadish-chandra-bose-1767643
उस समय सभी अखबारों और मीडिया ने भी मुख्यमंत्री के इसी ऐलान को छापा मगर बाद में सरकार अपनी बात से पलट गई।

इस फैसले पर हर तरफ से इतनी सारी प्रक्रिया सुनने के बाद News YMCA ने आख़िरकार ये विषय उन लोगों से पूछा जिनके नाम के पीछे इतना सारा विवाद चल रहा था। हमने संपर्क किया National Council of YMCAs, India से। YMCA India के सहयोग से ही Bonn,Germany, एवं YMCA International ने YMCA Institiue, Faridabad को सन 1969 में शुरू किया था।

YMCA India के प्रतिनिधि Alexander Koshy से बातचीत के अंश

“नाम बदलने का हमें दुःख है, पर क्योंकि यह संस्थान 1996 के बाद से YMCA से हटकर हरियाणा सरकार के अधीन है, इसलिए हम इस फैसले पर कोई आलोचनात्मक टिप्पणी नही करेंगे, सरकार को यह अधिकार है कि वह इसका नाम अपनी सुविधा अनुसार रखे।”

प्रशासन द्वारा नाम बदलने के कई कारण दिए गए थे, जिनमे से ज्यादातर दलीलें कमज़ोर और असंगत थी, मगर एक दलील विश्वविद्यालय की मजबूत थी कि “अगर कभी ymca आकर आपत्ति करता है कि हम उनका नाम क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि ymca और संस्थान का सम्बन्ध तो 1996 में ही समाप्त हो गया था”

इस प्रश्न का उत्तर देते हुए alexander ने कहा कि
“ymca ने नाम इस्तेमाल करने के लिए कभी आपत्ति नही की है, अगर करनी होती तो 20 साल पहले ही कर देते, हम लोग अपने नाम से दुनियाभर में बहुत से सामाजिक, शैक्षणिक व् अन्य कार्यक्रम एवं संस्थान चलाते हैं, विश्वविद्यालय और हरियाणा सरकार से हमने YMCA नाम इस्तेमाल करने के लिए कभी कोई अप्पति नही दर्ज की। जबतक हम लोग यहाँ से जुड़े थे तबतक हमने ही सारा कुछ किया संस्थान के लिए, सारा पैसा और सुविधाएँ हमेशा दी विद्यार्थियों को, किसी के साथ कोई भी भेदभाव नही किया।”

एक अन्य अधिकारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि
“लोग कहते हैं कि हमने संस्थान को छोड़ दिया और पैसा देना बंद कर दिया, यह सच नही है, हमारे यहां से जाने के कई कानूनी और राजनितिक-राजनयिक कारण थे, उनमे से मुख्य कारण यह था- 1995-96 के आसपास YMCA institute को btech डिग्री कॉलेज बनाने की मांग उठने लगी और इसलिए संस्थान से german पाठ्यक्रम खत्म कर के भारत सरकार की UGC एवं AICTE के अंतर्गत लाने के कारण यहाँ का हर काम भारत सरकार के हिसाब से होने के कारण Germany, YMCA-India को यहाँ से जाना पड़ा।”

खैर अभी मामला अभी यहीं समाप्त नही हुआ है, विश्वविद्यालय के कई पूर्व छात्रों ने इसके लिए RTI एवं अन्य कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया।
आने वाले समय में इसे लेकर शायद कुछ और हलचल हो।

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